Chaitra Navratri 2026 Day 7 : मां कालरात्रि की पूजा, महत्व, विधि और आरती

मां कालरात्रि की पूजा, महत्व, विधि और आरती

Chaitra Navratri 2026 Day 7 –चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि को समर्पित होता है। इस दिन देवी के उग्र रूप की पूजा की जाती है, जो अपने भक्तों के सभी भय और संकटों को दूर करती हैं। Chaitra Navratri 2026 Day 7 – मां कालरात्रि को ‘शुभंकरी’ भी कहा जाता है, क्योंकि उनका स्वरूप भले ही भयानक हो, लेकिन वे अपने भक्तों के लिए हमेशा शुभ फल देने वाली हैं।

Chaitra Navratri 2026 Day 7 –मां कालरात्रि का स्वरूप और महत्व

मां कालरात्रि का रंग काला होता है और उनका स्वरूप अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। उनके चार हाथ होते हैं, जिनमें से एक में खड्ग और दूसरे में लोहे का कांटा होता है, जबकि बाकी दो हाथ वर और अभय मुद्रा में होते हैं।

मां कालरात्रि की पूजा, महत्व, विधि और आरती
Chaitra Navratri 2026 Day 7

उनकी सवारी गधा (गर्दभ) है और उनकी तीन आंखें पूरे ब्रह्मांड को प्रकाशित करती हैं। मां कालरात्रि की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों, भय और बुरी नजर से रक्षा होती है।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

Chaitra Navratri 2026 Day 7 – पूजा विधि (Puja Vidhi)

चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा विशेष विधि से की जाती है:

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  • पूजा स्थान को साफ कर मां की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें
  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें
  • मां को लाल या नीले फूल अर्पित करें
  • गुड़ या हलवा का भोग लगाएं
  • दीपक और धूप जलाकर विधिवत पूजा करें
  • दुर्गा सप्तशती का पाठ करें

पूजा के दौरान ‘ॐ देवी कालरात्र्यै नमः’ मंत्र का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है।

Chaitra Navratri 2026 Day 7 – मां कालरात्रि को क्या भोग लगाएं

इस दिन मां कालरात्रि को गुड़ (Jaggery) का भोग लगाना विशेष फलदायी माना जाता है। इससे जीवन के कष्ट दूर होते हैं और स्वास्थ्य में सुधार होता है।

इसके अलावा हलवा या मीठे पकवान भी अर्पित किए जा सकते हैं।

Chaitra Navratri 2026 – मां कालरात्रि की आरती

जय कालरात्रि माता, जय महाकाली।
काल के मुख से निकली, तू ही जग वाली॥

दुष्ट दलन कर दीनों की रखवाली।
करती भक्तों की रक्षा, बनकर करुणा वाली॥

शुभंकरी तू माता, संकट हरने वाली।
तेरे चरणों में जो आए, उसकी नैया पार लगाली॥

खड्ग और खप्पर धारण, रूप भयानक भारी।
भक्तों के दुख हरती, तू जग की हितकारी॥

अंधकार को हरने वाली, ज्योति तू निराली।
तेरे नाम से मिट जाए, हर विपदा काली॥

जय कालरात्रि माता, जय महाकाली॥

पूजा का महत्व

मां कालरात्रि की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होता है, जो मानसिक तनाव, डर या जीवन में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

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माना जाता है कि मां कालरात्रि की कृपा से राहु-केतु जैसे ग्रहों के दोष भी शांत होते हैं और व्यक्ति को साहस, शक्ति और सफलता प्राप्त होती है।

निष्कर्ष

चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि की साधना के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा और आरती करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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यदि आप सच्चे मन से मां की आराधना करते हैं, तो वे आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाकर सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं।

Ashwani Tiwari

अश्वनी कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता क्षेत्र में पाँच वर्षों का व्यावसायिक अनुभव प्राप्त है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक स्थानीय समाचार पत्र से की थी, जहाँ उन्होंने सामाजिक मुद्दों, राजनीति और ग्रामीण विकास पर रिपोर्टिंग की। उनकी लेखनी में स्पष्टता, निष्पक्षता और गहराई होती है, जिससे पाठक आसानी से जुड़ पाते हैं।

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