Rajasthan Panchayat Elections 2026 – राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों को लेकर एक बार फिर गतिविधियां तेज हो गई हैं। Rajasthan Panchayat Elections 2026 – राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत राज विभाग और स्वायत्त शासन विभाग से आरक्षण संबंधी नवीनतम और प्रमाणित आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा है। आयोग का मानना है कि आवश्यक डेटा प्राप्त होते ही चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी लाई जा सकेगी।
राजस्थान हाईकोर्ट पहले ही पंचायत चुनाव कराने के लिए 31 जुलाई की समयसीमा को बरकरार रख चुका है। हालांकि, आरक्षण से जुड़े आवश्यक आंकड़े उपलब्ध नहीं होने के कारण अब तक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं हो सकी है।
Rajasthan Panchayat Elections 2026 – आरक्षण निर्धारण के लिए विभागों से मांगा गया डेटा
राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित विभागों और राज्य सरकार को पत्र लिखकर जरूरी आंकड़े उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। आयोग का कहना है कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी किए बिना चुनाव कार्यक्रम जारी करना संभव नहीं है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही विभागों से आवश्यक डेटा प्राप्त होगा, चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा और चुनाव कार्यक्रम पर निर्णय लिया जाएगा।
Rajasthan Panchayat Elections 2026 – चुनाव में देरी पर कोर्ट में देना पड़ा था जवाब
पंचायत और निकाय चुनावों में देरी को लेकर निर्वाचन आयोग को न्यायालय के समक्ष भी अपना पक्ष रखना पड़ा था। 15 अप्रैल को चुनाव नहीं कराए जाने के मामले में आयोग ने अदालत को बताया था कि आवश्यक और प्रमाणित आंकड़ों की अनुपलब्धता चुनाव प्रक्रिया में देरी का प्रमुख कारण है।
इस दौरान राज्य सरकार की ओर से ओबीसी आरक्षण से संबंधित आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया गया था, लेकिन निर्वाचन आयोग का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया शुरू करने के लिए अंतिम और सत्यापित आंकड़ों की आवश्यकता होती है। इसी वजह से विभागों से एक बार फिर विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
लंबे समय से लंबित हैं पंचायत और निकाय चुनाव
राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनाव काफी समय से लंबित हैं। ऐसे में निर्वाचन आयोग की ओर से भेजे गए ताजा पत्र के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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चुनाव की तारीखों को लेकर अब सभी की नजर राज्य सरकार और संबंधित विभागों पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि आरक्षण संबंधी आंकड़े उपलब्ध होते ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।
चुनाव कार्यक्रम पर डेटा उपलब्ध होने के बाद होगा फैसला
फिलहाल पंचायत और निकाय चुनावों की प्रक्रिया आरक्षण से जुड़े आंकड़ों पर निर्भर है। आयोग का कहना है कि आवश्यक डेटा मिलते ही चुनावी कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकेगा कि राजस्थान में लंबे समय से लंबित पंचायत और निकाय चुनाव कब आयोजित होंगे।
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