8th Pay Commission News: केंद्र सरकार के कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर हलचल तेज हो गई है। 8th 8th Pay Commission News को लेकर होने वाली बैठकों से पहले कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की तैयारी में जुट गए हैं। हाल ही में हुई स्टाफ साइड की बैठक में कर्मचारियों के वेतन, अवकाश, स्वास्थ्य सुविधाओं और रिटायरमेंट लाभ से जुड़े कई प्रस्ताव सामने रखे गए।
8th Pay Commission Latest News -स्टाफ साइड बैठक में उठे कर्मचारियों के प्रमुख मुद्दे
आगामी 8th Pay Commission से पहले कर्मचारी संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है। इसी क्रम में ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Dr. Manjeet Singh Patel ने National Council Joint Consultative Machinery के स्टाफ साइड सचिव Shiv Gopal Mishra से मुलाकात की।
इस बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। खासतौर पर दिल्ली, अन्य केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय स्वायत्त संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों के हितों से जुड़े सुझाव रखे गए।
8th Pay Commission Latest News -400 दिन की Earned Leave एनकैशमेंट की मांग
बैठक में सबसे प्रमुख मांग अर्जित अवकाश (Earned Leave) की सीमा बढ़ाने की रही। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को मिलने वाली EL एनकैशमेंट की मौजूदा सीमा को बढ़ाकर 400 दिन किया जाना चाहिए।

उनका तर्क है कि इससे कर्मचारियों को सेवा समाप्ति के समय बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकेगा और यह लंबे समय से लंबित मांग भी पूरी होगी।
विशेष अवकाश और कैजुअल लीव बढ़ाने का प्रस्ताव
कर्मचारी संगठनों ने पारंपरिक सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए 28 दिन के विशेष अवकाश की व्यवस्था करने का सुझाव भी दिया।
इसके अलावा यह मांग भी उठी कि कर्मचारियों को हर साल:
- 14 दिन की कैजुअल लीव (CL)
- 30 दिन की अर्जित अवकाश (EL)
सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि कर्मचारियों को कार्य और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन मिल सके।
रिटायरमेंट के बाद कैशलेस मेडिकल सुविधा की मांग
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए। कर्मचारी संगठनों ने सुझाव दिया कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को Central Government Health Scheme का विकल्प दिया जाए।
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इसके साथ ही इलाज के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज के समय जेब से भारी खर्च न करना पड़े।
शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का मुद्दा
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आया। इसमें शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 60 साल से बढ़ाकर 65 साल करने की मांग उठाई गई, ताकि अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का लंबे समय तक लाभ मिल सके।
लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिल सकता है फायदा
कर्मचारी संगठनों के अनुसार इन सभी मांगों को JCM के कॉमन मेमोरेंडम में शामिल करने पर सहमति बनी है। इससे उम्मीद है कि आने वाली बैठकों में इन्हें औपचारिक रूप से 8वें वेतन आयोग के सामने रखा जा सकेगा।
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अगर इन प्रस्तावों को वेतन आयोग की सिफारिशों में शामिल किया जाता है, तो देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा लाभ मिल सकता है।
