Fraudulent Returns and Refunds – ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेजन (Amazon) के साथ बड़े स्तर पर धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। Fraudulent Returns and Refunds – आरोपी फर्जी ऑर्डर और नकली रिफंड क्लेम के जरिए कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे थे। मामले में अमेजन के सिक्योरिटी मैनेजर राजेश कुमार की शिकायत पर श्रीगंगानगर के थाना सदर में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
Fraudulent Returns and Refunds –फर्जी खातों से चल रहा था पूरा खेल
जांच में सामने आया कि गिरोह ने धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए कई फर्जी नामों से ग्राहक अकाउंट बना रखे थे। आरोपियों ने करीब 52 यूनिक कस्टमर आईडी और 49 अलग-अलग फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया।

इन अकाउंट्स (Accounts) को खासतौर पर तैयार किए गए मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी (Email – id) से जोड़ा गया था, ताकि कंपनी को शक न हो सके।
Sri Ganganagar Crime News in Hindi महंगे गैजेट्स करते थे ऑर्डर
गिरोह के सदस्य इन फर्जी खातों के जरिए महंगे स्मार्टफोन, टैबलेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ऑर्डर करते थे। डिलीवरी मिलने के बाद आरोपी कंपनी से दावा करते थे कि उन्हें खाली पैकेट मिला है या ऑर्डर किया गया सामान पैकेट में नहीं था।
इसके बाद अमेजन की वर्चुअल रिटर्न प्रक्रिया का फायदा उठाकर बिना कोई सामान लौटाए पूरा रिफंड हासिल कर लिया जाता था।
Crime News in Hindi – 207 ऑर्डर के जरिए की गई ठगी
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपियों ने इसी तरीके से करीब 207 ऑर्डर पर फर्जी रिफंड लेकर कंपनी को चूना लगाया।
यह पूरा फ्रॉड बेहद सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था, जिससे लंबे समय तक कंपनी को इसकी भनक नहीं लगी।
श्रीगंगानगर के पते पर मंगाए गए थे सामान
जांच के दौरान सामने आया कि श्रीगंगानगर के विकास नगर स्थित मारुति सुजुकी एरिना ऑटोमोबाइल मार्केट के पते पर भी महंगे गैजेट्स मंगाए गए थे।
इनमें एक सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल फोन शामिल था, जिसकी कीमत 9,575 रुपये बताई गई है। यह ऑर्डर 12 मई 2026 को डिलीवर हुआ था। इसके बाद उसी पुराने तरीके से फर्जी शिकायत दर्ज कर रिफंड लेने की कोशिश की गई।
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इसके अलावा 18,078 रुपये कीमत का एक रेडमी पैड भी ऑर्डर किया गया था, हालांकि वह बाद में कैंसिल हो गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
थाना सदर पुलिस ने इस संगठित आर्थिक अपराध को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी सुभाष चंद्र के नेतृत्व में पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।
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पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े कई और चेहरों का खुलासा हो सकता है।
