Didwana Big Cyber Fraud: राजस्थान की डीडवाना पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिन पर धोखाधड़ी योजनाओं के माध्यम से 36 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। Didwana Big Cyber Fraud: राजस्थान में साइबर धोखाधड़ी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिसके चलते कई अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल ही में, डीडवाना पुलिस ने ही तीन जालसाज़ों को गिरफ्तार किया था। वहीं पुलिस ने एक और अभियान चलाया है, जिसमें उन्होंने देश भर से 36 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी के साथ एक साइबर गैंग को सफलतापूर्वक पकड़ा है। इस अभियान के दौरान गिरोह के मुख्य सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है; साथ ही, उनके पास से 7 बैंक पासबुक, दो एटीएम कार्ड और पाँच मोबाइल फ़ोन भी बरामद हुए हैं।
Didwana Big Cyber Fraud : शिकायत मिलते ही पुलिस की त्वरित कार्रवाई
डीडवाना पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि साइबर सेल को संदिग्ध बैंक खातों की सूचना मिली थी। इसके परिणामस्वरूप, डिप्टी एसपी धरम पूनिया और थानाधिकारी राजेंद्र सिंह कमांडो के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जो तकनीकी जाँच के साथ-साथ गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई शुरू की।.

जानकारी मिली थी कि पंकज मंडा अपने साथियों के साथ एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी में साइबर धोखाधड़ी की योजना बना रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत छापा मारा और उसे और उसके साथियों – समीर शेख, गिरधारी कड़वासरा, मोहम्मद शरीफ, शोहाफ खान और अरबाज खान को पकड़ पकड़ा । ये सभी आरोपी भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।
जानें कैसे काम करता था यह गिरोह
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पुलिस जाँच में पता चला कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम करता था। ये लोग कमीशन के लालच या धोखे से लोगों के बैंक खातों, एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम कार्ड तक हासिल कर लेते थे। इसके बाद आरोपी धोखाधड़ी से हुई कमाई को ऑनलाइन या स्कैनर के ज़रिए इन खातों में डलवाते थे और बाद में एटीएम, चेक या ई-मित्र के ज़रिए पैसे निकालकर अपने सरगना को कमीशन के तौर पर भेज देते थे – बदले में कमीशन लेते थे। इनके खातों से जुड़ी 36 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई हैं जिनकी जांच जारी है।
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