Advance Tax Last Date – वित्त वर्ष 2024–25 (FY 2025) खत्म होने से पहले टैक्स से जुड़ा एक महत्वपूर्ण काम पूरा करना जरूरी होता है—एडवांस टैक्स का भुगतान। Advance Tax Last Date –यदि आपकी टैक्स देनदारी एक निश्चित सीमा से अधिक है, तो आपको तय तारीख तक एडवांस टैक्स जमा करना होता है।
एडवांस टैक्स की आखिरी तारीख 15 मार्च 2026 तय की गई है। अगर कोई टैक्सपेयर इस डेडलाइन तक भुगतान नहीं करता, तो उसे बाद में ब्याज और पेनल्टी के साथ टैक्स चुकाना पड़ सकता है।
Advance Tax Last Date –मुख्य बातें (Key Points)
- 15 मार्च एडवांस टैक्स भरने की अंतिम तिथि है।
- समय पर भुगतान न करने पर 1% मासिक ब्याज लगाया जा सकता है।
- एडवांस टैक्स भरने से पहले कुल आय और कटौतियों का सही हिसाब लगाना जरूरी है।

Advance Tax Last Date –कौन देता है एडवांस टैक्स?
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 208 के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुल टैक्स देनदारी 10,000 रुपये या उससे अधिक है, तो उसे एडवांस टैक्स का भुगतान करना होता है।
इस श्रेणी में कई प्रकार के टैक्सपेयर आते हैं, जैसे:
- सैलरी पाने वाले कर्मचारी
- फ्रीलांसर
- छोटे और बड़े व्यवसायी
- प्रोफेशनल (डॉक्टर, वकील आदि)
ऐसे लोगों को साल खत्म होने का इंतजार करने के बजाय साल के दौरान ही टैक्स की किस्तें जमा करनी पड़ती हैं।
अगर समय पर टैक्स नहीं भरा तो क्या होगा?
यदि कोई टैक्सपेयर 15 मार्च तक एडवांस टैक्स जमा नहीं करता, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234C के तहत उस पर ब्याज लगाया जाता है।
- देरी होने पर हर महीने 1% ब्याज लगाया जाता है।
- यह ब्याज 1 अप्रैल से लागू हो जाता है, यानी नए वित्त वर्ष की शुरुआत से।
- जब तक टैक्स का पूरा भुगतान नहीं होता, तब तक ब्याज बढ़ता रहता है।
हालांकि एक राहत भी है।
अगर किसी व्यक्ति ने कुल टैक्स का कम से कम 90% हिस्सा पहले ही जमा कर दिया है, तो उस पर यह 1% ब्याज लागू नहीं होता।
किस्तों में होती है एडवांस टैक्स की पेमेंट
एडवांस टैक्स एक साथ नहीं बल्कि चार किस्तों में जमा किया जाता है। इससे टैक्सपेयर्स पर एक बार में बड़ा वित्तीय बोझ नहीं पड़ता।
आमतौर पर एडवांस टैक्स की किस्तें इस प्रकार होती हैं:
| किस्त | तारीख | भुगतान प्रतिशत |
| पहली किस्त | 15 जून | 15% |
| दूसरी किस्त | 15 सितंबर | 45% तक |
| तीसरी किस्त | 15 दिसंबर | 75% तक |
| चौथी किस्त | 15 मार्च | 100% तक |
कैसे कैलकुलेट करें एडवांस टैक्स?
एडवांस टैक्स भरने से पहले सही गणना करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आपको कुछ चरणों का पालन करना होगा।
1. कुल आय का अनुमान लगाएं
सबसे पहले अपनी कुल सालाना आय का अनुमान लगाएं। इसमें शामिल हो सकता है:
- सैलरी
- बिजनेस या प्रोफेशन से मुनाफा
- कैपिटल गेन
- अन्य स्रोतों से आय (जैसे FD का ब्याज)
2. टैक्स कटौतियां लागू करें
इसके बाद आय से टैक्स डिडक्शन घटाएं, जैसे:
- सेक्शन 80C (PF, LIC, ELSS आदि)
- सेक्शन 80D (मेडिकल इंश्योरेंस)
- अन्य लागू कटौतियां
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3. टैक्सेबल इनकम निकालें
कटौतियों के बाद जो राशि बचती है, वह आपकी टैक्सेबल इनकम होती है। इसी पर टैक्स की गणना होती है।
4. टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स निकालें
अब ओल्ड टैक्स रिजीम या न्यू टैक्स रिजीम के अनुसार टैक्स की गणना करें। दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स की राशि अलग हो सकती है।
5. TDS या TCS घटाएं
अंत में, यदि आपके ऊपर पहले से TDS या TCS कट चुका है, तो उसे कुल टैक्स से घटा दें। इसके बाद जो टैक्स बचता है, वही एडवांस टैक्स के रूप में देना होता है।
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निष्कर्ष
एडवांस टैक्स का समय पर भुगतान करना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे ब्याज और अतिरिक्त जुर्माने से बचा जा सकता है।
यदि आपकी टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, तो आपको समय पर इसकी गणना करके 15 मार्च तक भुगतान कर देना चाहिए।
सही योजना और समय पर टैक्स जमा करने से न केवल वित्तीय बोझ कम होता है, बल्कि भविष्य में कानूनी परेशानियों से भी बचाव होता है।
