West Bengal Elections -अजय पाल शर्मा कौन हैं? अभिषेक बनर्जी के गढ़ में ‘सिंघम’ का एक्शन क्यों चर्चा में

West Bengal Elections -अजय पाल शर्मा कौन हैं? अभिषेक बनर्जी के गढ़ में ‘सिंघम’ का एक्शन क्यों चर्चा में

West Bengal Elections – उत्तर प्रदेश के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा इन दिनों पश्चिम बंगाल में अपनी सख्त कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में हैं। West Bengal Elections –चुनाव से पहले उन्हें पुलिस ऑब्जर्वर के तौर पर तैनात किया गया है, और इसी दौरान एक वीडियो वायरल होने के बाद उनका नाम फिर चर्चा में आ गया है। वीडियो में वे चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने वालों को कड़ी चेतावनी देते नजर आते हैं।

West Bengal Elections –पश्चिम बंगाल में तैनाती और वायरल वीडियो

चुनाव आयोग ने दूसरे चरण के मतदान से पहले अजय पाल शर्मा को दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया। इस दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वे टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान और उनके समर्थकों को सख्त लहजे में चेतावनी देते दिख रहे हैं।

West Bengal Elections -अजय पाल शर्मा कौन हैं? अभिषेक बनर्जी के गढ़ में ‘सिंघम’ का एक्शन क्यों चर्चा में
West Bengal Elections

वीडियो में अजय पाल साफ कहते हैं कि अगर किसी ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।

West Bengal Elections –कौन हैं अजय पाल शर्मा?

अजय पाल शर्मा उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वे प्रयागराज में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) के पद पर तैनात हैं। उनका जन्म पंजाब के लुधियाना में हुआ था।

अपने करियर के दौरान उन्होंने शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर जैसे जिलों में सेवा दी है। इन जगहों पर उन्होंने कई बड़े आपराधिक मामलों में सख्त कार्रवाई की, जिससे उनकी छवि एक कड़क और निर्णायक अधिकारी के रूप में बनी।

‘Encounter Specialist’ और ‘सिंघम’ की पहचान

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कार्यकाल के दौरान अजय पाल शर्मा ने कई एनकाउंटर ऑपरेशन्स को अंजाम दिया। इसी वजह से उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ और ‘सिंघम’ जैसे नामों से जाना जाने लगा।

हालांकि, उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि एनकाउंटर उनकी रणनीति का हिस्सा जरूर थे, लेकिन यह सब परिस्थितियों के अनुसार हुआ, न कि किसी योजना के तहत।

Kolkata Assembly Election 2026 –IPS बनने से पहले थे डेंटिस्ट

बहुत कम लोग जानते हैं कि अजय पाल शर्मा पहले एक डेंटिस्ट थे। परिवार के कहने पर उन्होंने और उनके भाई ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। दोनों को सफलता मिली—उनके भाई आईएएस अधिकारी बने, जबकि अजय पाल शर्मा ने आईपीएस सेवा को चुना।

Kolkata News in Hindi –2018 में चर्चा में आए

साल 2018 में रामपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद वे काफी चर्चा में आए।

उनकी कार्यशैली से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें सम्मानित भी किया। इसके बाद उन्हें प्रमोशन देकर वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारी दी गई।

विवाद और आरोप भी जुड़े

अजय पाल शर्मा का करियर पूरी तरह विवादों से मुक्त नहीं रहा है। उन पर कुछ मामलों में फेक एनकाउंटर और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे।

  • 2019 और 2020 में हुए कुछ एनकाउंटर मामलों को विपक्ष ने फर्जी बताया
  • कैश-फॉर-पोस्टिंग जैसे आरोप भी सामने आए
  • एक महिला द्वारा व्यक्तिगत आरोप लगाए गए
  • मेरठ में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज होने की भी बात सामने आई

हालांकि, इन मामलों में अलग-अलग स्तर पर जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं।

वीडियो में टीएमसी उम्मीदवार को चेतावनी

वायरल वीडियो में अजय पाल शर्मा टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को सख्त लहजे में चेतावनी देते नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी की गई, तो कड़ी कार्रवाई होगी और बाद में पछताना पड़ेगा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज

वीडियो सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि अगर किसी भी अधिकारी ने संविधान के खिलाफ काम किया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए अजय पाल शर्मा को राजनीतिक एजेंडे से जोड़कर निशाना साधा।

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IPS Ajay Pal Sharma सख्त छवि, एक्शन और विवादों के बीच चर्चा में आईपीएस अधिकारी

अजय पाल शर्मा एक ऐसे आईपीएस अधिकारी हैं, जिनकी छवि एक सख्त और एक्शन लेने वाले पुलिस अफसर की रही है। जहां एक तरफ उनके समर्थक उन्हें कानून व्यवस्था का मजबूत चेहरा मानते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके आलोचक उन पर सवाल भी उठाते रहे हैं।

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पश्चिम बंगाल में उनकी तैनाती और वायरल वीडियो ने एक बार फिर उन्हें राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

Ashwani Tiwari

अश्वनी कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता क्षेत्र में पाँच वर्षों का व्यावसायिक अनुभव प्राप्त है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक स्थानीय समाचार पत्र से की थी, जहाँ उन्होंने सामाजिक मुद्दों, राजनीति और ग्रामीण विकास पर रिपोर्टिंग की। उनकी लेखनी में स्पष्टता, निष्पक्षता और गहराई होती है, जिससे पाठक आसानी से जुड़ पाते हैं।

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