ACB Action in Bharatpur : राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में भरतपुर जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एसीबी की टीम ने दो इंजीनियरों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और अन्य कर्मचारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि दोनों इंजीनियर एक आम नागरिक से उसके काम के बदले अवैध पैसे की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने तुरंत जाल बिछाया और ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
ACB Action in Bharatpur : शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत एक परिवादी की शिकायत से हुई। परिवादी ने एसीबी को बताया कि उसके द्वारा कराए गए कार्यों की सुरक्षा जमा राशि (एसडी) वापस दिलाने के बदले अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगी जा रही है। आरोप था कि बिना पैसे दिए उसका भुगतान रोका जा रहा था और उसे बार-बार परेशान किया जा रहा था।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी टीम ने पहले पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच में सामने आया कि शिकायत सही है और संबंधित अधिकारी वास्तव में पैसों की मांग कर रहे हैं।
ACB Action in Bharatpur : 7.1 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से मांगे 23,400 रुपये
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों ने परिवादी से कुल राशि का 7.1 प्रतिशत कमीशन तय किया था। इसी आधार पर 23,400 रुपये रिश्वत के रूप में मांगे गए। पैसे नहीं देने पर काम अटकाने की धमकी भी दी गई थी।
इससे परेशान होकर परिवादी ने एसीबी की शरण ली, जिसके बाद पूरी कार्रवाई की योजना बनाई गई।
ट्रैप कार्रवाई में रंगे हाथों गिरफ्तार
एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन चलाया। परिवादी को रिश्वत की राशि देकर आरोपियों के पास भेजा गया। जैसे ही दोनों इंजीनियरों ने पैसे स्वीकार किए, पहले से मौजूद एसीबी अधिकारियों ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कनिष्ठ अभियंता (सिविल) धीरेन्द्र श्रीवास्तव और कुम्हेर ब्लॉक में संविदा कर्मी राकेश कुमार गुप्ता शामिल हैं। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
एसीबी की सख्त चेतावनी
एसीबी के एडिशनल एसपी अमित कुमार ने बताया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि आम जनता से अपील है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी अवैध रूप से पैसे मांगता है तो तुरंत एसीबी को सूचना दें।
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भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार जारी है अभियान
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में एसीबी ने प्रदेश के कई जिलों में कार्रवाई कर भ्रष्ट कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। भरतपुर की यह कार्रवाई भी इसी मुहिम का हिस्सा है। इससे साफ संदेश जाता है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
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इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि अब रिश्वतखोरी करने वालों की खैर नहीं है और कानून से बचना आसान नहीं होगा।
