Assi Movie Review – अस्सी में तापसी पन्नू का दमदार प्रदर्शन, समाज से तीखे सवाल

Assi Movie Review - अस्सी में तापसी पन्नू का दमदार प्रदर्शन, समाज से तीखे सवाल

Assi Movie Review – इस सप्ताह सिनेमाघरों में रिलीज हो रही फिल्म ‘अस्सी’ एक ऐसी कहानी लेकर आई है, जो दर्शकों को भीतर तक झकझोर देती है। 20 फरवरी को प्रदर्शित (Release )होने जा रही यह फिल्म केवल एक आपराधिक घटना का चित्रण नहीं करती, बल्कि उस मानसिकता और तंत्र की परतें खोलती है, जो ऐसे अपराधों को पनपने देता है।

Assi Movie Review – फिल्म की मूल भावना

फिल्म का शीर्षक ‘अस्सी’ देश में प्रतिदिन होने वाले यौन अपराधों की अनुमानित संख्या की ओर संकेत करता है। इससे पहले मुल्क और आर्टिकल 15 जैसी विचारोत्तेजक फिल्में बना चुके निर्देशक अनुभव सिन्हा इस बार एक बलात्कार पीड़िता की पीड़ा और उसके बाद की कानूनी व सामाजिक लड़ाई को केंद्र में रखते हैं।

Assi Movie Review - अस्सी में तापसी पन्नू का दमदार प्रदर्शन, समाज से तीखे सवाल
Assi Movie Review

फिल्म की शुरुआत एक विचलित कर देने वाले दृश्य से होती है, जहां एक महिला को दरिंदगी के बाद रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया जाता है। इसके बाद कहानी अतीत में जाकर उस महिला परिमा के जीवन को दिखाती है, जो अपने पति और बेटे के साथ सामान्य जीवन जी रही थी। एक रात मेट्रो स्टेशन से लौटते समय उसका अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया जाता है और यहीं से कहानी एक दर्दनाक मोड़ लेती है।

Review Assi Movie – अदालत से समाज तक की पड़ताल

परिमा के लिए न्याय की लड़ाई वकील रावी लड़ती है, जिसकी भूमिका में तापसी पन्नू सधी हुई और प्रभावी नजर आती हैं। अदालत की बहसों के साथ फिल्म पितृसत्तात्मक सोच, पुलिस तंत्र की खामियों और प्रशासनिक उदासीनता को सामने लाती है।

कहानी यह भी दिखाती है कि पीड़िता के साथ केवल अपराध ही नहीं होता, बल्कि समाज का व्यवहार भी उसे बार-बार आहत करता है। जब परिमा दोबारा स्कूल जॉइन करना चाहती है, तो उसे यह कहकर रोका जाता है कि बच्चे इसके लिए तैयार नहीं हैं। यह दृश्य समाज की असहज मानसिकता पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाता है।

प्रभावी दृश्य और कमजोर कड़ियां

फिल्म में हर कुछ अंतराल पर एक संदेश उभरता है कि इतने समय में देश में कहीं न कहीं एक और यौन अपराध हो चुका है। यह तथ्य दर्शकों को असहज कर देता है।

हालांकि इंटरवल के बाद कुछ दृश्य खिंचे हुए प्रतीत होते हैं। कुछ सहायक पात्रों की कहानी अधूरी सी लगती है, जिससे भावनात्मक प्रभाव थोड़ा कमजोर पड़ता है। यदि इन किरदारों को और विस्तार मिलता तो फिल्म और अधिक प्रभावशाली बन सकती थी।

अभिनय की मजबूती

रावी के रूप में तापसी पन्नू ने संवेदनशील और दृढ़ वकील का किरदार बेहद सधी हुई शैली में निभाया है। पीड़िता परिमा की भूमिका में कनी कुश्रुति ने दर्द, टूटन और साहस — तीनों भावों को संतुलित ढंग से प्रस्तुत किया है। जज की भूमिका में रेवती प्रभाव छोड़ती हैं। कुमुद मिश्रा और मोहम्मद जीशान अय्यूब ने भी अपने-अपने किरदारों को ईमानदारी से निभाया है।

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निष्कर्ष

‘अस्सी’ एक गंभीर और विचारोत्तेजक फिल्म है, जो दर्शकों को सहज मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्ममंथन के लिए मजबूर करती है। कुछ कमियों के बावजूद यह फिल्म समाज और व्यवस्था से जुड़े जरूरी सवाल उठाती है। संवेदनशील विषय पर बनी यह फिल्म उन दर्शकों के लिए है, जो सिनेमा में सार्थकता और सामाजिक चेतना की तलाश करते हैं।

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  • फिल्‍म रिव्‍यू: अस्‍सी
  • प्रमुख कलाकार : तापसी पन्‍नू, मोहम्मद जीशान अय्यूब, कनि कुश्रुति, कुमुद मिश्रा, रेवती
  • निर्देशक : अनुभव सिन्‍हा
  • अवधि : 133 मिनट
  • स्‍टार : तीन

Ashwani Tiwari

अश्वनी कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता क्षेत्र में पाँच वर्षों का व्यावसायिक अनुभव प्राप्त है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक स्थानीय समाचार पत्र से की थी, जहाँ उन्होंने सामाजिक मुद्दों, राजनीति और ग्रामीण विकास पर रिपोर्टिंग की। उनकी लेखनी में स्पष्टता, निष्पक्षता और गहराई होती है, जिससे पाठक आसानी से जुड़ पाते हैं।

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