Kota Tunnel Delhi Mumbai Expressway – यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है। Kota Tunnel Delhi Mumbai Expressway पर बनी 4.9 किलोमीटर लंबी सुरंग में ज्वलनशील और खतरनाक पदार्थों से लदे वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह व्यवस्था 27 जुलाई 2026 से शुरू हुए ट्रायल रन के दौरान लागू की गई है।
Kota Tunnel Delhi Mumbai Expressway – सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया फैसला
NHAI की परियोजना निदेशक संदीप अग्रवाल ने बताया कि सुरंग जैसे बंद ढांचे में ज्वलनशील पदार्थ ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही किसी भी दुर्घटना या आग लगने की स्थिति में गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। इसी जोखिम को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह प्रतिबंध लागू किया गया है।

Kota Tunnel Delhi Mumbai Expressway – ज्वलनशील वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय
NHAI ने पेट्रोलियम कंपनियों, टैंकर संचालकों, लॉजिस्टिक एजेंसियों, सार्वजनिक परिवहन कंपनियों और सभी वाहन चालकों से निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
- दिल्ली की ओर से आने वाले ज्वलनशील एवं खतरनाक पदार्थों से लदे वाहन गोपालपुरा इंटरचेंज से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें।
- मुंबई की ओर से आने वाले ऐसे वाहन चेचट इंटरचेंज से निर्धारित वैकल्पिक मार्ग अपनाएं।
Kota Tunnel News –सुरंग में हादसों का खतरा कम करना उद्देश्य
परियोजना निदेशक संदीप अग्रवाल के अनुसार, सुरंग के भीतर यदि ज्वलनशील पदार्थों से भरे किसी वाहन में दुर्घटना होती है, तो आग और धुएं जैसी गंभीर आपात स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे हालात में यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। इसी कारण सुरंग में ऐसे वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाना आवश्यक माना गया है।
NHAI ने परिवहन कंपनियों से की अपील
NHAI ने सभी परिवहन कंपनियों, टैंकर ऑपरेटरों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और केवल निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें। इससे सुरंग के भीतर सुरक्षित, सुचारु और निर्बाध यातायात संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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ट्रायल रन के दौरान लागू रहेगा प्रतिबंध
फिलहाल यह प्रतिबंध 27 जुलाई 2026 से शुरू हुए ट्रायल रन के दौरान लागू किया गया है। ट्रायल के दौरान सुरंग की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन और आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि भविष्य में आम लोगों के लिए इसे पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
