Birth Death Registration Bill 2026 -राज्यसभा में पास हुआ बिल, जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन के बदले नियम

Birth Death Registration Bill 2026 -राज्यसभा में पास हुआ बड़ा बिल, जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन के बदले नियम

Birth Death Registration Bill 2026 – राज्यसभा ने मंगलवार को ‘Birth Death Registration Bill 2026’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले यह विधेयक 31 जुलाई 2026 को लोकसभा से मंजूरी पा चुका था। नए संशोधन के तहत अब जन्म या मृत्यु का पंजीकरण तय समय सीमा से अधिक देरी होने पर पहले की तुलना में अधिक सख्त प्रक्रिया से गुजरना होगा।

Birth Death Registration Bill 2026 –राज्यसभा में हंगामे के बीच पारित हुआ विधेयक

विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने सदन में लगातार नारेबाजी की। विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी की मांग उठाई और अयोध्या राम मंदिर में दान की कथित चोरी के मुद्दे पर भी विरोध दर्ज कराया। हंगामे के बावजूद सरकार ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित करा लिया।

Birth Death Registration Bill 2026 -राज्यसभा में पास हुआ बड़ा बिल, जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन के बदले नियम
Birth Death Registration Bill 2026

Birth Death Registration Bill 2026 – एक साल तक के पंजीकरण के नियमों में कोई बदलाव नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया कि जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की मौजूदा व्यवस्था में एक वर्ष तक कोई बदलाव नहीं किया गया है।

  • जन्म या मृत्यु की सूचना 21 दिनों के भीतर देने पर पहले की तरह सामान्य पंजीकरण होगा।
  • 21 दिन से लेकर एक वर्ष तक की देरी होने पर निर्धारित विलंब शुल्क जमा कर पंजीकरण कराया जा सकेगा।

सरकार का कहना है कि समय पर जन्म पंजीकरण होने से बच्चों को शिक्षा, पहचान पत्र, सरकारी योजनाओं और अन्य कानूनी अधिकारों का लाभ आसानी से मिल सकेगा। वहीं, मृत्यु का सही रिकॉर्ड प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं के लिए भी जरूरी है।

Birth Death Registration Bill – नए विधेयक में क्या बदला?

संशोधन विधेयक के अनुसार अब देरी से होने वाले पंजीकरण के लिए अलग-अलग नियम लागू होंगे।

  • एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष के भीतर पंजीकरण कराने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
  • दो वर्ष से अधिक देरी होने पर जन्म या मृत्यु का पंजीकरण केवल न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही किया जा सकेगा।

इसके अलावा, संबंधित अधिकारी को अनुमति देने से पहले प्रस्तुत दस्तावेजों और जानकारी का विस्तृत सत्यापन करना होगा, ताकि रिकॉर्ड पूरी तरह सही और प्रमाणिक रहे।

Birth Certificate Error –सरकार ने बताया संशोधन का उद्देश्य

सरकार के अनुसार इस संशोधन का उद्देश्य ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969’ को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है। इससे फर्जी रिकॉर्ड पर रोक लगाने, सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता बढ़ाने और सभी जन्म एवं मृत्यु का सटीक डेटा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

Death Certificate Error –गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने क्या कहा?

विपक्ष के हंगामे के बीच बहस का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सरकार देश में हर जन्म और हर मृत्यु का सही पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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उन्होंने कहा कि इससे रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी होगा और ऐसे मामलों पर रोक लगेगी, जिनमें मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में बने रहने जैसे विवाद सामने आते हैं। उन्होंने विपक्ष से विधेयक के उद्देश्य को समझने की अपील भी की।

विपक्ष ने चर्चा की मांग उठाई

राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद दोपहर 2 बजे सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई। इसके बाद गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विधेयक पर विचार और उसे पारित करने का प्रस्ताव रखा।

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इस दौरान विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी की मांग करते हुए नारेबाजी जारी रखी। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि संसद सुचारु रूप से नहीं चल रही है और सरकार को चर्चा के लिए प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री की मौजूदगी सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं, एनडीए के कई सांसदों ने विधेयक का समर्थन करते हुए इसे जरूरी सुधार बताया।

Ashwani Tiwari

अश्वनी कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता क्षेत्र में पाँच वर्षों का व्यावसायिक अनुभव प्राप्त है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक स्थानीय समाचार पत्र से की थी, जहाँ उन्होंने सामाजिक मुद्दों, राजनीति और ग्रामीण विकास पर रिपोर्टिंग की। उनकी लेखनी में स्पष्टता, निष्पक्षता और गहराई होती है, जिससे पाठक आसानी से जुड़ पाते हैं।

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