Bihar Crime News: बिहार के मुंगेर में इंसाफ का पहरुआ बना पुलिसकर्मी खुद हैवानियत का शिकार हो गया। दो पक्षों के बीच सुलह कराने पहुंचे ASI पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। खून से सनी सड़क और चीख-पुकार के बीच क़ानून के रखवाले की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है, लेकिन इस निर्मम वारदात ने कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिहार में खाकी पर कातिलों का कहर टूट पड़ा है! तीन दिन पहले ही अररिया में वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान एक सहायक अवर निरीक्षक की हत्या कर दी गई थी, और अब मुंगेर में खून की होली खेली गई। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में तैनात ASI संतोष कुमार पर घात लगाकर हमला किया गया और उन्हें निर्दयता से मौत के अंधेरे में धकेल दिया गया। भभुआ निवासी संतोष कुमार पिछले एक साल से मुफस्सिल थाने में तैनात थे, लेकिन ड्यूटी निभाते-निभाते उनकी जिंदगी बेरहमी से छीन ली गई। बिहार में लगातार हो रही पुलिस हत्याओं ने क़ानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं, और दहशत का माहौल बना दिया है!
Bihar Crime News: मुंगेर में खूनी तांडव! पुलिस की वर्दी को चीरते हुए ASI का सिर फाड़ डाला

शुक्रवार रात करीब आठ बजे पुलिस को सूचना मिली कि आईटीसी नंदलालपुर के पास दो गुट आपस में भिड़े हुए हैं और मारपीट हो रही है। इस पर ASI संतोष कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने लगे। लेकिन इंसाफ की बात कुछ दरिंदों को नागवार गुजरी! अचानक एक पक्ष ने धारदार हथियार निकालकर उन पर कातिलाना हमला कर दिया। संतोष कुमार जब तक संभलते, तब तक उनका सिर बेरहमी से चीरा जा चुका था। लगातार कई वार किए गए, जिससे खून से लथपथ होकर वह मौके पर ही गिर पड़े। लहूलुहान ASI ज़मीन पर तड़पते रहे, लेकिन वहशी हत्यारों के हाथ नहीं कांपे। भीड़ के बीच गूंजती चीखें भी उनके वहशीपन को रोक नहीं सकीं, और कुछ ही मिनटों में वर्दीधारी पुलिसकर्मी की जिंदगी खत्म कर दी गई।
मुंगेर में पुलिस पर हैवानों का हमला! घायल ASI ने पटना ले जाते वक्त तोड़ा दम
मुंगेर में इंसाफ की डगर पर निकले एक और पुलिस अधिकारी को दरिंदों ने बर्बरता की हदें पार कर मौत के घाट उतार दिया। जैसे ही ASI संतोष कुमार पर कातिलाना हमला हुआ, उनके सहयोगी पुलिसकर्मी उन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए तुरंत पटना रेफर कर दिया, लेकिन किसे पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा! दर्द से तड़पते संतोष कुमार ने पटना पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई, और पुलिस महकमे में खलबली मच गई। सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने बताया कि मुफस्सिल थाना को डायल 112 पर सूचना मिली थी कि नंदलालपुर गांव में दो परिवारों के बीच मारपीट हो रही है। मामले को सुलझाने के लिए ASI संतोष कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां खड़े खूनी दरिंदों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। धारदार हथियार से उनके सिर पर कई वार किए गए, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गए।
अब पुलिस आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है, लेकिन इस नृशंस हत्या ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कब तक पुलिस के जवान ऐसे खूनी दरिंदों का शिकार बनते रहेंगे?
